जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़ने से यूपी में राहुल पड़े तनहा: ज्ञानेन्द्र शुक्ला

 


प्रियंका का भी नही चल पा रहा जादू

सीतापुर। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के सबसे करीबी कहे जाने वाले जितिन प्रसाद ने कांग्रेस को टाटा टाटा बाय बाय कर दिया है। सूबे में कांग्रेस के सबसे कददावर व जनाधार वाले नेताओं में सुमार किये जाने वाले जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़ते ही यूपी की सियासत में भूचाल आ गया है। अब तक केवल सीतापुर के जिले के सैकड़ो कांग्रेस पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से अपने पद और सदस्यता से त्यागपत्र देना शुरू कर दिया। जिसमें पीसीसी सदस्य भी शामिल रहे। कांग्रेस में ऐसा बिखरा पहली बार देखा गया। जितने के हटते ही उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस तनहा रह गयी है और अब प्रियंका गांधी का भी कोई जादू नही चल पा रहा है। यह बात जितिन प्रसाद के बेहद करीबी कहे जाने वाले ज्ञानेन्द्र शुक्ला ने अपने जारी बयान में कही। कांग्रेस से टाटा बाय बाय करने वाले ज्ञानेन्द्र शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राहुत के पास जितिन जैसा दूसरा कोई मजबूत और जनाधारी नेता ही नही है। आज भी जितिन यूपी के जिस जिले में पहुंच जाते है वहां जनसैलाब जितिन से मिलने के लिये उमड़ पता है। यूपी के कांग्रेस के हालत बद से बदतर हो गये है। इसका असर कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। ज्ञानेन्द्र शुक्ला ने कहा कि जैसे ही जितिने के चहेतो को पता चला कि उन्होने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है उसी समय जितिने सैकड़ो समर्थको ने एक साथ सामूहिक त्यागपत्र देने शुरू कर दिये। जिससे यूपी में कांग्रेस बेहद कमजोर हो गयी है। ज्ञानेन्द्र ने कहा कि कांग्रेस में अब समाज  सेवा की भावना नही रही। कांग्रेस सत्ता की भूखी है तो राहुल प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहे है। कांग्रेस को किसी भी तरह से सत्ता चाहिए इसके लिये भले ही किसी तरह की कोई भी सियासत क्यो न चलनी पड़े। कांग्रेस में ईमानदार और समाजसेवी नेताओं का दम घुटने लगा है क्येाकि कांग्रेस ने स्वास्र्थ सिद्ध वाली नीतियों को अपनाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस पर अब तमाम प्रकार के आरोप भी लगने लगे है लेकिन कांग्रेस हाईकमान पर इसका कोई असर ही नही पड़ता है। जिस दल में जनहित के कार्य न हो सके उस दल को त्यागदेना ही समझदारी होती है जितिन प्रसाद ने सही समय पर सही निर्णय लिया। जितिन प्रसाद कर्मठ और समाजसेवी नेता है जब जब उनको मौका मिला उन्होने प्रदेश और देश के विकास में अपनी अहम  भूमिका अदा की। जितिन प्रसाद धौरहरा के सांसद रहे तो उन्होने धौरहरा की दशा और दिशा बदल दी। आज यूपी में विकास के मामले में धौरहरा नम्बर एक पर गिना जा रहा है। ज्ञानेन्द्र शुक्ला ने कहा कि जितिन प्रसाद के कांग्रेस से हटने से उत्तर प्रदेश में कांगे्रस टूटकर बिखर चुकी है। जनता का जनसैलाब जितिन के साथ है वह जितिने से दल से नही बल्कि दिल से जुड़ा हुआ है। 


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