उ. प्र .में अब 24 मई तक लॉकडाउन :1 करोड़ रेहड़़ी-पटरी और रिक्शा वालों को सरकार हर महीने देगी एक हजार रुपए


लखनऊ
,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले महीने तक प्रदेश में लॉकडाउन लगाने के सख्त खिलाफ थे। इसी के चलते सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी थी, जिसमें कोर्ट ने संक्रमण रोकने के लिए प्रमुख शहरों में लॉकडाउन लगाने के आदेश दिए थे। हालांकि बाद में सरकार को वही करना पड़ा जो हाईकोर्ट ने कहा था।

सरकार की क्या-क्या प्लानिंग है?

  • हर अस्पताल में मौजूदा संख्या से दोगुना बेड की संख्या करने पर जोर।
  • अस्पतालों में डॉक्टर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने पर काम होगा।
  • हर जिले में कम से कम एक ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएं। बड़े जिलों में इससे भी ज्यादा लगने शुरू हो गए हैं।
  • होम आइसोलेशन में मरीजों को दिक्कत न हो इसके लिए स्पेशल टीम बनाई जाए।
  • होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का नियमित देखभाल हो। अगर ऑक्सीजन की जरूरत होती है तो तुरंत उनके घर व्यवस्था की जाए।

एक से दो दिन के लिए बनेंगे ई-पास

  • प्रदेश में मिनी लॉकडाउन के बीच सरकार ने ई-पास की गाइडलाइन भी जारी की थी। जरूरी वस्तुओं के आवागमन के लिए पास जारी होगा। साथ ही सप्लाई करने वाली संस्थाओं को भी पास बनवाना होगा। rahat.up.nic/epass पर जाकर ऑनलाइन पास के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर आवश्यक वस्तुओं की सेवा न मिल पाने की स्थिति में जानकारी दे सकते हैं।
  • आम लोगों के लिए जिला स्तरीय पास 1 दिन के लिए और अंतर जिला पास 2 दिन के लिए वैलिड होगा।
  • ई-पास पोर्टल में संस्थागत पास का भी प्रावधान है। इसके तहत कोई भी संस्था 5 कर्मियों के लिए आवेदन कर सकती है। ई-पास की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी भी मान्य होगी।
  • जनपद की सीमा के साथ अंतर्जनपदीय सीमा के लिए भी ई-पास जारी होंगे। संस्थाओं के लिए पास की वैलिडिटी फुलटाइम होगी।
  • पास के लिए आवेदन करने में कोई समस्या आने पर इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं- राम केवल, विशेष सचिव राजस्व विभाग, मोबाइल- 941100600 चंद्रकांत, प्रोजेक्ट एक्सपर्ट, मोबाइल- 9988514423, वॉट्सऐप नंबर- 9454411081 राहत, आयुक्त कार्यालय- 05222238200

गाइडलाइन में इन्हें मिली है छूट

  • औद्योगिक गतिविधियों को छूट यानी आप किसी कंपनी या फैक्ट्री में काम करते हैं तो आई-कार्ड दिखाकर आ-जा सकते हैं।
  • मेडिकल और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े ट्रांसपोर्टेशन को भी छूट दी गई है।
  • डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ, अस्पताल के अन्य कर्मचारी, मेडिकल दुकान और व्यवसाय से जुड़े लोग।
  • ई-कॉमर्स ऑपरेशंस यानी आप ऑनलाइन पोर्टल के जरिए मिले जरूरी सामान के ऑर्डर डिलीवर कर सकते हैं।
  • मेडिकल इमरजेंसी, दूरसंचार सेवा, डाक सेवा, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, इंटरनेट मीडिया से जुड़े कर्मचारियों को ई-पास बनवाने की जरूरत नहीं है। वे अपने संस्थान का आई-कार्ड दिखाकर आ जा सकते हैं।

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