छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है सी.एम.एस.


 सिविल सर्विसेज में चयनित सी.एम.एस. के पूर्व छात्रों की राय

तलखनऊ, 25 अप्रैल। सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा आज ‘सिविल सर्विसेज कान्क्लेव’ का आॅनलाइन आयोजन किया गया। इस अवसर पर आई.ए.एस. में चयनित सी.एम.एस. के पूर्व छात्रों श्री हसन अहमद, आई.आर.एस., सुश्री प्रीति प्रियदर्शिनी, आई.पी.एस. एवं सुश्री सोनाली गिरि, आई.ए.एस. ने सिविल सर्विसेज की तैयारी, सिविल सर्विसेज कैरियर के अनुभवों एवं सी.एम.एस. में पढ़ाई के दौरान अपने अनुभवों को साझा किया एवं सिविल सर्विसेज में जाने का सपना देखने वाले वर्तमान छात्रों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर सी.एम.एस. छात्रों ने अपनी रुचि के अनुसार कोर्स का चुनाव करना एवं स्वयं को उसके लिए तैयार करना व लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरी योजना बनाने का पाठ पढ़ा, साथ ही अपनी तमाम जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। इस कान्क्लेव में 650 से अधिक छात्रों ने आॅनलाइन प्रतिभाग कर सिविल सर्विसेज कैरियर के बार मे जानकारी व मार्गदर्शन प्राप्त किया।

इससे पहले, ‘सिविल सर्विसेज कान्क्लेव’ का शुभारम्भ करते हुए सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि कक्षा-12 एक ऐसा मुकाम है जिसके बाद छात्रों को अपना कैरियर चुनना पड़ता है और यही चुनाव उनके आगे के जीवन की आधारशिला बनता है। इस कान्क्लेव का उद्देश्य यही है कि छात्र अभी से अपने कैरियर की दिशा निर्धारित करके इधर-उधर भटकने के बजाए सही राह पर चलें।

इस अवसर पर सी.एम.एस. के अपने अनुभवों पर बोलते हुए श्री हसंन अहमद, आई.आर.एस. ने कहा कि सी.एम.एस. में शिक्षा प्राप्त करना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है क्योंकि यहां मुझे नैतिक व चारित्रिक विकास के साथ ही विश्व के ख्यातिप्राप्त हस्तियों से विचार-विमर्श का अवसर मिला एवं ग्लोबल एक्सपोजर के साथ ही विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने ज्ञान व प्रतिभा को ापरखने का अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध हुआ। छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए श्री अहमद ने कहा कि सिविल सर्विसेज में आप अपने सर्वश्रेष्ठ विचारों के साथ देश व समाज के विकास में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि कठिन परिश्रम ही सफलता का मूलमंत्र है। रचनात्मक विचारों व कठिन परिश्रम के दम पर जीवन का प्रत्येक लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सुश्री प्रीति प्रियदर्शिनी, आई.पी.एस. ने कहा कि वास्तव में सी.एम.एस. भावी पीढ़ी के सर्वांगीण विकास का केन्द्र है। यह छात्रों के मन से डर व शंका को बाहर निकालकर उन्हें जीवन के कठिन से कठिन लक्ष्यों के लिए तैयार करता है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि स्कूल की प्रत्येक एक्टिविटी में बढ़चढ़कर प्रतिभाग करें क्योंकि यह छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

सी.एम.एस. की पूर्व छात्रा सुश्री सोनाली गिरी, आई.ए.एस. ने इस अवसर पर कहा कि सी.एम.एस. अपने  छात्रों को जीवन की कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करने को तैयार करता है। उन्होंने कहा कि आज मुझे अपने सिविल सर्विस के कैरियर के दौरान जितनी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उसके लिए सी.एम.एस. ने मुझे पहले से ही तैयार कर रखा है। छात्रों को यूपीएससी परीक्षा में सफलता का गुर बताते हुए सुश्री सोनाली ने कहा कि प्रत्येक छात्र के लिए यूपीएससी में समान अवसर उपलब्ध हैं, बस आप स्वयं खुद को इसके लिए तैयार करें और किसी की नकल न करें।

सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों को अपने कैरियर के चुनाव में बड़ी मुश्किलें आती हैं क्योंकि उनके पास जरूरी जानकारी व मार्गदर्शन का अभाव रहता है। ऐसे में यह कान्क्लेव छात्रों के लिए स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने छात्रों से कहा कि जो भी करो, पूरे समर्पित भाव एवं लगन से करो। सी.एम.एस. की संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गांधी ने कहा कि सी.एम.एस. को अपने होनहार छात्रों पर गर्व है जो उच्च पदों पर आसीन होकर समाज व देश की सेवा कर रहे हैं और विद्यालय का गौरव बढ़ा रहे हैं। कान्क्लेव का समापन डा. भारती गांधी के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।


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