हरदोई में काले शीशे के शौकीन हैं ये अधिकारी!


 हरदोई
:अधिकारियों के केबिन में काले शीशे के गेट इस बात को साबित करते हैं कि वह जनता को फूटी आंख नही देखना चाहते। ऐसे में जनता और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने को सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। हालांकि काले शीशे के शौकीन कुछ खास विभागों के ही अधिकारी हैं, जिनमें जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रमुख हैं। 

      दफ्तरों के बाहर काले शीशे की निगरानी के लिए विशेष रूप से एक कर्मचारी नियुक्त किया गया है, जो कि साहब के दिशा निर्देशों का पूरा पालन करता है। डीपीआरओ से मिलने आये लोगों द्वारा काले शीशे के गेट छूते ही "साहब नही हैं" बोलकर हड़काने लगता है। साहब अंदर हैं या नही, इस बात की आम जनता को पुष्टि नही हो पाती, क्योंकि काले शीशे के गेट से अंदर का कुछ नजर नही आ सकता। ऐसे में अधिकारी काले शीशे का भरपूर फायदा उठाते हैं। सवाल ये उठता है कि आखिर काले शीशे की इन अधिकारियों को जरूरत क्या है? काले शीशे की आड़ में ये अधिकारी जनता की किन समस्याओं का निस्तारण करते हैं? हालांकि सरकारी व्यवस्था के अनुसार जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी पर्दे का प्रयोग करते हैं, पर काले शीशे का इस्तेमाल इन अधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है।

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