सरकार से आरपार की लड़ाई के मूड में बैंककर्मी, किया प्रदर्शन

 


हरदोई।
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में बैंकिंग, बीमा और सामान्य बीमा को लेकर प्रतिगामी घोषणाओं व निजीकरण के एजेंडे पर अमल करने के फैसले के विरुद्ध बैंककर्मियों ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले आज गुरुवार को बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा पर भोजनावकाश में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। बैंककर्मी यूनियनें इसको लेकर हड़ताल जैसी आरपार की लड़ाई की तैयारियां कर रही हैं।

     यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की स्थानीय इकाई के संयोजक आरके पाण्डेय ने प्रदर्शनकारी बैंककर्मियों को सम्बोधित करते हुऐ कहा कि बजट में पुनः अत्यधिक बयानबाजी है और यह वास्तविकता से दूर है। उन्होंने कहा कि बैंकों और बीमा का निजीकरण प्रस्ताव प्रतिगामी है। उन्होंने कहा कि डूबे बैंक कर्जो को लेकर एक अलग आस्ति पुनर्निर्माण कम्पनी बनाना कारोरेट जगह को लाभ पहुँचना है। इससे कारपोरेट जगह के खराब ऋण बैंकों के बहीखाते से बाहर निकल जायगें, सार्वजनिक नजर से हट जायगें और चुपचाप बट्टेखाते में डाल दिये जायगें।
     बैंककर्मी नेता क्षितिज पाठक ने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के शीर्ष नेता 9 फरवरी को हैदराबाद में बैठक कर रहे हैं जिसमें हड़ताल जैसी सघन कार्यवाहियों पर फैसला होगा। उन्होंने कहा कि बैंकों का निजीकरण, चाहे वह 2 की संख्या में हो, बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। बैंकों में जमाधन जनता का है इसका मालिकाना हक कारपोरेट को नहीं दिया जा सकता।
     प्रदर्शन में प्रमुख रूप से वेद प्रकाश पाण्डेय, अजय मेहरोत्रा, अनुप सिंह, वर्षा मेहरोत्रा, अनामिका सिंह, सोनी कुमारी, पवन मिश्र, अंकित श्रीवास्तव, राजकुमार, गुड्डू, स्वाति गुप्ता, वीर सिंह, वरुण सिंह, महेंद्र सिंह, मनीष जैन, आशुतोष अहिरवार, शुभम, सुभाष पाण्डेय, विनय वर्मा, दीपक बाजपेई, मो० शाहिद, ऋषि पाल, पुनीत कुमार गुप्ता, संदीप, अमित त्रिपाठी, विपिन कुमार गुप्ता, रोचिन सिन्हा, सुरभि सेठ, विभांशु, प्रकाश दुबे आदि मौजूद रहे।

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