लखनऊ का होनहार छात्र एम.आई.टी. में पीएचडी हेतु चयनित

 


लखनऊ,
21 फरवरी। लखनऊ के होनहार बालक एवं सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) के पूर्व छात्र लक्ष्य शर्मा को मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी हेतु विश्व की सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी ‘एम.आई.टी.’ (मैसाचुसेट्स इन्स्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी) में चयनित किया गया है, जो अपने आप में गर्व का विषय है। क्यू.एस. वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2021 के अनुसार ‘एम.आई.टी.’ विश्व का सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय है और यह हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड एवं आक्सफोर्ड जैसे ख्यातिप्राप्त विश्वविद्यालयों से भी आगे है। असाधारण प्रतिभा का धनी लक्ष्य शर्मा वर्तमान में आईवी लीग यूनिवर्सिटी आॅफ पेन्सिलवेनिया से दो स्नातक (बैचलर्स डिग्री) एवं दो परास्नातक (मास्टर्स डिग्री) यानि कि एक साथ ही रिकार्ड 4 स्नातक कोर्स पूरा कर रहा है, जिसमें कम्प्यूटर इंजीनियरिंग एवं भौतिकी में बैचलर्स डिग्री एवं भौतिकी एवं रोबोटिक्स में मास्टर्स डिग्री शामिल है। इस वर्ष मई में स्नातक एवं परास्नातक कोर्स पूर्ण करने के उपरान्त लक्ष्य शर्मा सितम्बर माह में एम.आई.टी. में पी.एच.डी. हेतु दाखिला लेगा।

लक्ष्य शर्मा ने आई.सी.एस.ई. (कक्षा-10) की परीक्षा 98 प्रतिशत अंको के साथ सी.एम.एस. गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) से उत्तीर्ण की है। उसने 10वीं आॅल इण्डिया रैंक के साथ जे.ई.ई. एडवान्स परीक्षा में भी टाॅप किया परन्तु अपनी रूचि व लगन को देखते हुए उसने विदेश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय से उच्चशिक्षा प्राप्त करने का निर्णय लिया और विश्व के सर्वश्रेष्ठ 8 विश्वविद्यालयों में से एक यूनिवर्सिटी आॅफ पेन्सिलवेनिया, अमेरिका में एडमीशन लिया, जिसके लिए उसे 100 प्रतिशत स्काॅलरशिप अर्थात लगभग 2 करोड़ रूपये की स्काॅलरशिप भी मिली।

अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए लक्ष्य ने कहा कि सी.एम.एस. में शिक्षा के दौरान मुझे गणित व विज्ञान के कई अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पियाड में प्रतिभाग का अवसर मिला, जिसके कारण मेरी स्वाभाविक जिज्ञासा को भरपूर बढ़ावा मिला। इसी वजह से 9 साल की छोटी उम्र में ही मैने विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग हेतु इण्डोनेशिया, मैक्सिको, फिलीपीन्स एवं ताईवान आदि देशों की यात्राएं की, जिससे मुझे अन्तर्राष्ट्रीय अनुभव तो मिला ही, साथ ही मैने विभिन्न देशों की शिक्षा पद्धतियाँ भी देखी। वास्तव में, मैं हमेशा से वैज्ञानिक ही बनना चाहता था और मैंने महसूस किया कि दुनिया के सबसे प्रसिद्ध शोध संस्थानों में अध्ययन करना खुद को विकसित करने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है।

लक्ष्य की अभूतपूर्व सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसकी माताजी ने कहा कि लक्ष्य को इस मुकाम तक पहुँचाने के लिए मैं सी.एम.एस. की बहुत आभारी हूँ। लक्ष्य की शिक्षा-दीक्षा में सी.एम.एस. का अतुलनीय योगदान रहा है। सी.एम.एस. ने उसकी रूचियों का पहचानकर उसे अपनी क्षमताओं का विकास करने का भरपूर अवसर प्रदान किया साथ ही उसकी उपलब्धियों को भी सार्वजनिक तौर पर महत्व देकर उसके लिए एक बड़े लक्ष्य की नींव रखी। सी.एम.एस. गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) की प्रधानाचार्या श्रीमती आभा अनन्त ने अपने पूर्व छात्र की उपलब्धि पर गौरवान्वित प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लक्ष्य शुरू से ही अत्यन्त प्रतिभाशाली परन्तु जमीन से जुड़ा हुआ छात्र रहा है। विज्ञान व तकनीक में उसकी रूचि शुरू से ही थी।

सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने भी लक्ष्य की अभूतपूर्व सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सी.एम.एस. अपने छात्रों को लगातार विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में उच्चशिक्षा के अवसर प्रदान कर रहा है। प्रतिवर्ष काफी बड़ी संख्या में सी.एम.एस. छात्र स्काॅलरशिप के साथ विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में उच्चशिक्षा हेतु चयनित हो रहे हैं, जिनमें अधिकांश छात्र 100 प्रतिशत स्काॅलरशिप के साथ स्टैनफोर्ड, कैल्कैट, एम.आई.टी. व कार्नेल जैसी ख्यातिप्राप्त यूनिवर्सिटी में चयनित हुए हैं।


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