पहली बार उत्तर प्रदेश विधानमंडल में पेश हुआ पेपरलेस बजट,जानिए किसको क्या मिला


 लखनऊ।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल में पहला पेपरलेस ;बिना कागज काद्ध बजट प्रस्तुत किया। वित्त वर्ष 2021.22 का बजट राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रस्तुत किया। 

सदन में लैपटॉप से बजट पढ़ते हुये खन्ना ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उप्र को आत्म निर्भर बनाना तथा सर्वांगीण विकास करना है। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी आदित्यनाथ सरकार के मौजूदा कार्यकाल का पांचवा बजट है।

कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार ने एक बार फिर बजट का पिटारा खोला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खासकर महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया है। पांच और शहरों में सेफ सिटी योजना के कदम बढ़ेंगे। लखनऊ के बाद दूसरे चरण में अब वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, गौतमबुद्धनगर व प्रयागराज में सेफ सिटी योजना के लिए 309.43 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। 

सेफ सिटी योजना के तहत अब सूबे के पांच और बड़े शहरों में महिला सुरक्षा के लिए पिंक बूथ, बसों में सीसीटीवी कैमरों व पैनिक बटन समेत अन्य आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं की जाएंगी। 

जानें किस शहर को कितना

  • आगरा - 4.98 करोड़ रुपये
  • गोरखपुर - 32.45 करोड़ रुपये
  • गौतमबुद्धनगर- 132 करोड़ रुपये
  • प्रयागराज -90 करोड़ रुपये 
  • वाराणसी - 50 करोड़ रुपये 

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए इस अहम योजना की परिकल्पना की थी। प्रदेश में इस योजना के तहत लखनऊ को चुना गया था। अब अन्य शहरों में इसके विस्तार का सिलसिला शुरू हो गया है। दूसरी ओर सरकार ने न्यायालयों, प्रमुख धार्मिक स्थलों व औद्योगिक प्रतिष्ठानों की विशेष सुरक्षा के लिए भी अपने संकल्प को आगे बढ़ाया है। उप्र विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) के लिए 120 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, ताकि इस विशेष बल के भवनों से लेकर पांच बटालियनों को खड़ा करने का काम शीघ्र पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीएसएसएफ के गठन की घोषणा की थी, जिसके बाद एक बटालियन वजूद में आ चुकी है। पुलिसकर्मियों की आवासीय सुविधाओं को बेहतर किए जाने को भी तरजीह दी गई है। 

गवाहों की सुरक्षा के लिए 4.65 करोड़ : सरकार ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए गवाहों की सुरक्षा का भी ध्यान दिया है। सरकार ने विटनेस प्रोटेक्शन फंड में 4.65 करोड़ रुपये दिए हैं। 

पीएसी को मिले 20 करोड़ : सरकार ने पीएसी को उप्र पुलिस स्पोट्र्स कंट्रोल बोर्ड के लिए 32 सीटर बस तथा पीएसी की कंपनियों के लिए नए वाहनों के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। 

शहीदों के नाम पर होंगे आवास: शहीद पुलिसकर्मियों को याद रखने के लिए सराहनीय पहल की गई है। सरकार ने पुलिस आवासों का नामकरण शहीद पुलिसकर्मियों के नाम पर किए जाने का निर्णय किया है। 

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