हफ्ते में दो-दो दिन चलेंगी क्लासेज, एक दिन में 50% विद्यार्थी ही आएंगे,UP में स्कूल खोलने की गाइडलाइन तय

 


  • छह से आठवीं तक के स्कूल 10 फरवरी तो एक से पांच तक के स्कूल एक मार्च से खुलेंगे
  • योगी सरकार ने स्कूल खोलने के लिए जारी किया दिशा-निर्देश, परिवार की अनुमति के साथ ही स्कूल बुलाए जा सकेंगे बच्चे
  • उत्तर प्रदेश में कक्षा छह से 8वीं (उच्च प्राथमिक) तक के स्कूल 10 फरवरी से तो कक्षा 1 से 5 तक (प्राथमिक) के स्कूल एक मार्च से खुलेंगे। इस दौरान क्या-क्या सावधानियां बरतनी हैं? इसको लेकर योगी सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है। स्कूलों में अभी हफ्ते में दो-दो दिन कक्षाएं चलेंगी।

    एक दिन में सर्फ 50 फीसदी बच्चे ही कक्षा में आएंगे। कोरोना का संदिग्ध केस पाए जाने पर स्कूल प्रशासन को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना देनी होंगी। बच्चों के स्कूल बुलाने के लिए अभिभावकों के सहमति पत्र लिया जाएगा। अभिभावक कोरोना का लक्षण दिखाई देने पर बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। अगर कोई बच्चा परिवार की सहमति से घर से पढ़ाई करना चाहता है तो उन्हें अनुमति दी जाएगी।

    कक्षा के हिसाब से इस दिन आएंगे विद्यार्थी
    प्राइमरी स्तर के स्कूल में कक्षा एक और पांच के बच्चे सोमवार और गुरुवार, कक्षा 2 व 4 के बच्चे मंगलवार और शुक्रवार, वहीं कक्षा 3 के विद्यार्थी बुधवार और शनिवार आएंगे। दूसरी तरफ उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 6 के विद्यार्थी सोमवार व गुरुवार को आएंगे।

    कक्षा 7 के मंगलवार व शुक्रवार और कक्षा 8 के बुधवार और शनिवार को आएंगे। स्कूल खोलने के लिए बेसिक शिक्षा मुख्यालय की ओर से जारी दिशानिर्देश में यह कहा गया है कि अगर विद्यार्थियों की संख्या अधिक है तो वह दो पॉलियों में क्लास कराई जाए। इस संबंध में प्रधानाध्यापकों, विद्यालय प्रबंधक समिति फैसला खुद ले सकते हैं।

  • कोरोना के इन नियमों का पालन जरूरी

    • अगर विद्यालय का कोई भी स्टॉफ कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कक्षा में छात्र-छात्राओं के बीच न्यूनतम 6 फीट की दूरी रहे।
    • विद्यालय के गेट खुले रखे जाएं, ताकि एक जगह भीड़ न हो।
    • डिजिटल थर्मामीटर, सैनिटाइजर और साबुन आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
    • विद्यालय की बसों को प्रतिदिन दो बार सैनिटाइजर किया जाए।
    • बस में चढ़ने से पहले सभी के थर्मल स्कैनिंग की जाए। बिना मास्क के किसी को भी बस पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाए।
    • विद्यालय प्रबंधक से सहमति पत्र विद्यालय कोई गारंटी नहीं देता कि भविष्य में किसी को कोरोना नहीं होगा।

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